Life Story

8 मी फेल ने बनाडाली हैकिंग कंपनी|success| motivation|life story

नमस्ते दोस्तों आज हम अपकेलिये टेक्नोलॉजी से रिलेटेड  सक्सेस और मोटिवेशन वाली लाइफ स्टोरी लाये|हम उमीद करते यह स्टोरी आपको पसंद आएगी |

दोस्तों हम बात रहे उस इन्सान के बारेमे जीनोने 8 कक्षा में फेल होने बौजुद २३ साल की उम्र में  कारोबार खङा कर दिया है।

असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिएक्योंकि असफलताएं ही आगे बढ़ने का रास्ता बताती हैं और आपको अपने मजबूत पक्ष का बेहतर पता चलता है।” एसा सोचने वाले त्रिशनित अरोङा की, वह एक एथिकल हैकर  हे|

त्रिशनित का जन्म  नवम्बर 1993 लुधियाना(पंजाब).मे हुआ था। इनकी बचपन से ही कम्प्यूटर में गहरी दिलचस्पी थी। जिसके कारण अपनी पढ़ाई पर ये ध्यान न दे सके और आठवीं की परीक्षा में दो पेपर नहीं  देने के कारण परीक्षा में फेल हो गये। इस वजह से मम्मी-पापा से इन्हे खूब डांट पङी। दोस्त और परिवार के लोगो भी मजाक उड़ाया, लेकिन इन्होने हिम्मत नहीं हारी। फेल होने के बाद रेग्युलर पढ़ाई छोङ कर इन्होने अपना पुरा ध्यान कम्प्यूटर पर लगाया और इसके साथ-साथ ये कम्प्यूटर और हैकिंग के क्षेत्र से गहराई से जुङते चले गये |

उनके माता पिता को ये बिलकुल पसंद नही था। लेकिन त्रिशनित कम्प्यूटर में अपने शौक को ही करियर बनाने का फैसला कर चुके थे। अपनी मेहनत,लगन और शौक के दम पर – धीरे-धीरे इनके काम को सब जानने लगे। – एक साल पहले जब इनकी उम्र 21 वर्ष थीतब ईन्होंने टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी बनाई थी। और अब रिलायंस,सीबीआईपंजाब पुलिसगुजरात पुलिसअमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियाें को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं। दुबई और यूके में इनके कंपनी का वर्चुअल ऑफिस है। करीब 40% क्लाइंट्स इन्हीं ऑफिसेस से डील करते हैं। – दुनियाभर में50 फॉर्च्यून और 500 कंपनियां क्लाइंट हैं। इन्होंने नॉर्थ इंडिया की पहली साइबर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम का सेटअप किया।

 

त्रिशनित    हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और हैकिंग विद स्मार्ट फोन्स’ किताबे  लिख चुके हैं।अपने लगाव, हुनर और परिश्रम और सूझ-बूझ से इन्होने 22साल कि उम्र मे जो कंपनी खङी की है वो इनके कङी मेहनत को दिखाता है। इतनी छोटी उम्र मे सफलता के झंडे गाङकर इन्होने एक बार फिर साबित कर दिया कि सफलता उम्र नही परिश्रम व् लक्ष्य के प्रति लगन देखती है।

 

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